फिरोजाबाद। जिलाधिकारी रमेश रंजन की अध्यक्षता में जनपदीय श्रम बन्धु, बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन टास्क फोर्स, तथा बन्धुआ श्रम टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत में बाल श्रम उन्मूलन पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारियों, एएचटीयूएफ, डीपीओ सहित गठित टीम की पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि हर सप्ताह कम से कम एक अभियान चलाकर निरीक्षण एवं चिन्हांकन अनिवार्य रूप से किया जाए।
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि इस माह चिन्हांकित 42 बाल श्रमिकों में से 14 को विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया है। जिलाधिकारी ने पात्र बाल श्रमिकों को बाल श्रम विद्या योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। टास्क फोर्स द्वारा 9 बच्चों को योजना से जोड़ने की सहमति प्रदान की गई।

बन्धुआ श्रम से जुड़ी 7 शिकायतों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि 41 श्रमिकों को उनके गृह जनपद/राज्य भेजकर मजदूरी और यात्रा व्यय दिलाते हुए शिकायतों का निस्तारण किया गया है। जिलाधिकारी ने बन्धुआ श्रमिकों के तत्काल अवमुक्तिकरण और पुनर्वासन के निर्देश दिए।

चूड़ी कारखानों में 8 घंटे से अधिक कार्य कराने और ओवरटाइम न दिए जाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। श्रमिक संगठनों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कारखाने समझौते के अनुसार संचालित हों तथा श्रमिकों को समय से ओवरटाइम भुगतान अवश्य किया जाए। औद्योगिक शांति भंग करने पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई।

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि कुछ कारखानदार सीसीटीवी कैमरे बंद कर देते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सिंडीकेट को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीटू के जिला उपाध्यक्ष नवल सिंह ने श्रमिकों के मुकदमों के त्वरित निस्तारण की मांग की। जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त को लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि अब तक 522 श्रमिकों को ₹95,81,116 की राशि दिलाई जा चुकी है तथा ₹32,53,712 की क्षतिपूर्ति सावधि जमा कराकर प्रदान की गई है।

भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने श्रमिकों के पंजीकरण शिविर लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों व श्रमिक अड्डों पर पंजीकरण शिविर लगाकर श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा स्वास्थ्य परीक्षण हेतु हेल्थ कैंप आयोजित हों, जिनमें कम से कम चार डॉक्टर उपस्थित रहें।

ईपीएफ विभाग ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी दी, जिसके अंतर्गत नए कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने जिले में मात्र 25,000 श्रमिकों के ईपीएफ से जुड़े होने पर अप्रसन्नता जताई और हर सप्ताह कैंप लगाकर अधिक से अधिक श्रमिकों का ईपीएफ पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अंत में जिलाधिकारी ने सभी पक्षों से औद्योगिक शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए बैठक का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया।