फिरोजाबाद।
नगर में दिनांक 18 जनवरी 2026 को आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं दिव्य वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन का मुख्य आयोजन बी.आर. मिलन वाटिका में हुआ, जबकि शहर के विभिन्न स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें लालतानंद सरस्वती योग पीठ, संत नगर, कांता होटल, एवं लेबर कॉलोनी रामलीला मैदान प्रमुख रहे। इन सभी आयोजनों में क्षेत्र के हजारों हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता कर अपनी आस्था, संस्कृति और एकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सनातन परंपरा के अनुरूप भारत माता एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। वातावरण “भारत माता की जय” एवं “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। इसके उपरांत स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सशक्त किया।
सम्मेलन के दौरान मंच से उपस्थित गणमान्य वक्ताओं ने भारत की प्राचीन हिंदू संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, सनातन परंपराओं तथा हिंदू समाज की एकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार और संगठन में निहित है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का उपयोग केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र और धर्म सेवा का सशक्त माध्यम है। दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। विदेशी वस्तुओं के अंधाधुंध प्रयोग से बचने और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान भी किया गया।
कार्यक्रम में आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक विनोद, विभाग प्रचारक अखिलेश, संचालक निधि गुप्ता, महानगर प्रचारक शेखर, विद्यार्थी प्रचारक दिलीप एवं महंत रमेशनंद गिरी ने अपने ओजस्वी विचार रखे और हिंदू समाज को संगठित, जागरूक एवं स्वदेशी विचारों से जुड़ने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू होना गौरव का विषय है और अपनी पहचान, संस्कृति एवं मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है।
सम्मेलन में गणमान्य अनिल गुप्ता, वीरेंद्र, शैलेन्द्र, सुनील सहित अनेक प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे। सावित्री देवी (बौद्धिक प्रमुख) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने की, जबकि मुकेश सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, स्वयंसेवकों एवं विशाल जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के विराट हिन्दू सम्मेलन समाज में हिंदू एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और स्वदेशी चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। सम्मेलन ने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठित, जागरूक और स्वदेशी विचारधारा से युक्त हिंदू समाज ही सशक्त भारत की नींव है।

