फिरोजाबाद।
अक्सर देखा जाता है कि व्यस्त जीवनशैली और आपसी संवाद की कमी के कारण माता-पिता और बच्चों के बीच दूरियां बढ़ जाती हैं। कई बार छोटी-छोटी बातों पर उपजे मतभेद बच्चों को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं, जिसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। ऐसी ही एक घटना थाना रामगढ़ क्षेत्र में सामने आई, जहां 19 वर्षीय युवती अनीशा (काल्पनिक नाम) मामूली घरेलू बात को लेकर नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी।
जानकारी के अनुसार, अनीशा को उसकी माता ने खाना बनाने को लेकर डांट दिया था, जिससे आहत होकर वह घर से निकल गई। परिजनों की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) रवि शंकर प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर प्रवीण तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी रामगढ़ संजीव कुमार द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों व रैन बसेरों में व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया। करीब ढाई माह की अथक मेहनत के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली और गुमशुदा अनीशा को सकुशल बरामद कर लिया गया।
बरामदगी के बाद मिशन शक्ति टीम द्वारा युवती की काउंसलिंग कराई गई। उसे समझाया गया कि माता-पिता ही उसके सच्चे शुभचिंतक होते हैं और उनसे खुलकर बात करना ही हर समस्या का समाधान है। वहीं परिजनों को भी समझाया गया कि बच्चों को समय देना, उनकी बात सुनना और प्यार से समझाना बेहद जरूरी है।
काउंसलिंग के बाद अनीशा को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि पुलिस की मेहनत और संवेदनशीलता के कारण ही उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सकी।
यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि संवाद, समझ और संवेदनशीलता ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत है, और समय रहते उठाया गया सही कदम किसी भी अनहोनी को टाल सकता है।

